Siyasi Nama || ऑपरेशन मातृ शक्ति के तहत आरपीएफ की “मेरी सहेली” टीम ने कराया सुरक्षित प्रसव

ऑपरेशन मातृ शक्ति के तहत आरपीएफ की “मेरी सहेली” टीम ने कराया सुरक्षित प्रसव

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ऑपरेशन मातृ शक्ति के तहत आरपीएफ की “मेरी सहेली” टीम ने कराया सुरक्षित प्रसव

ऑपरेशन मातृ शक्ति के तहत आरपीएफ की “मेरी सहेली” टीम ने कराया सुरक्षित प्रसव

ब्यूरो अशोक कुमार जायसवाल चंदौली 

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (डीडीयू जंक्शन) में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की मेरी सहेली टीम ने मानवता और कर्तव्यनिष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए एक महिला यात्री का सुरक्षित प्रसव कराया।
घटना सोमवार की है, जब डीडीयू रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट की उप निरीक्षक अर्चना कुमारी मीना, उप निरीक्षक अश्वनी कुमार, सहायक उप निरीक्षक पी.एन. राय एवं सहायक उप निरीक्षक श्याम सुंदर सिंह यादव द्वारा स्टेशन परिसर में नियमित गश्त एवं चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान सुबह लगभग 04:10 बजे एक यात्री ने सूचना दी कि प्लेटफार्म संख्या 02 पर एक महिला यात्री को अचानक प्रसव पीड़ा हो रही है।
सूचना मिलते ही उप निरीक्षक अर्चना मीना अपनी मेरी सहेली टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचीं और मंडल रेल अस्पताल, डीडीयू के डॉक्टर को भी सूचित किया गया। महिला की स्थिति को देखते हुए अस्पताल ले जाने से पूर्व ही स्टेशन प्लेटफार्म पर चारों ओर से चादरों की घेराबंदी कर सुरक्षित वातावरण बनाया गया। रेलवे चिकित्सक डॉ. सैयक सिकधर की देखरेख में आरपीएफ की मेरी सहेली टीम द्वारा महिला का सफल और सुरक्षित प्रसव कराया गया।
प्रसव कराने वाली महिला यात्री की पहचान आरती (उम्र लगभग 25 वर्ष), पत्नी फन्टूस, निवासी नयासुगमा, थाना इकोना, जिला नवादा (बिहार) के रूप में हुई है। महिला के पति ने बताया कि वे गाड़ी संख्या 12304 के सामान्य कोच से अलीगढ़ से यात्रा कर रहे थे। रास्ते में पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर वे डीडीयू स्टेशन पर उतरकर सहायता की गुहार लगाने लगे, जिस पर आरपीएफ की मेरी सहेली टीम ने तत्परता से मदद की।
प्रसव के उपरांत जच्चा और बच्चा दोनों पूर्णतः स्वस्थ हैं। महिला यात्री एवं उसके पति के अनुरोध पर उन्हें गाड़ी संख्या 12380 डाउन के सामान्य कोच में गया के लिए सुरक्षित रूप से बैठाया गया।
उल्लेखनीय है कि आरपीएफ की मेरी सहेली टीम द्वारा पिछले चार दिनों में डीडीयू स्टेशन प्लेटफार्म पर यह तीसरा सुरक्षित प्रसव कराने में सहयोग किया गया है। इस प्रकार के मानवीय एवं सराहनीय कार्यों से न केवल मेरी सहेली टीम बल्कि संपूर्ण आरपीएफ की आमजन द्वारा भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है।
आरपीएफ अपने अनुकरणीय ध्येय वाक्य “सेवा ही संकल्प” के साथ अपने कर्तव्यों के प्रति सदैव सजग रहकर यात्रियों की सेवा में तत्पर है।

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