Siyasi Nama || पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल द्वारा पुलिस स्मृति दिवस पर कर्तव्य की बेदी पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर वीर शहीदों को याद करते हुए अर्पित किये गये श्रद्धा-सुमन ।

पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल द्वारा पुलिस स्मृति दिवस पर कर्तव्य की बेदी पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर वीर शहीदों को याद करते हुए अर्पित किये गये श्रद्धा-सुमन ।

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पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल द्वारा पुलिस स्मृति दिवस पर कर्तव्य की बेदी पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर वीर शहीदों को याद करते हुए अर्पित किये गये श्रद्धा-सुमन ।

    “पुलिस बल की गौरवशाली परंपरा त्याग, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से ओत-प्रोत रही है। जनसेवा के उच्च आदर्शों को आत्मसात करते हुए अपने कर्तव्य पथ पर प्राणों की आहुति देने वाले हमारे शहीद पुलिसकर्मी सदा अमर रहेंगे । उनका अदम्य साहस और देशभक्ति हमें सदैव प्रेरित करते रहेंगे” - पुलिस आयुक्त ।

दिनांक 21.10. 2025 को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर रिजर्व पुलिस लाइन, कमिश्नरेट वाराणसी में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया । इस अवसर पर देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था एवं जनसेवा के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद पुलिसकर्मियों को नमन किया गया ।    
 इस दौरान शहीद स्मारक पर मा० कैबिनेट मंत्री (उ०प्र० सरकार) श्री अनिल राजभर, मा० राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दयाशंकर मिश्रा 'दयालु', मा० मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री रविन्द्र जायसवाल, श्री अशोक कुमार तिवारी महापौर वाराणसी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाराणसी श्री संजीव शुक्ला, अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन श्री पीयूष मोर्डिया, अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय श्री शिवहरी मीणा सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, न्यायिक अधिकारी तथा पुलिसकर्मियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए ।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पुलिस का कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण और जोखिमपूर्ण है । नागरिकों की सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के दौरान अनेक पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी प्रतिवर्ष अपने प्राणों की आहुति देते हैं । उनका यह बलिदान राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च समर्पण का प्रतीक है । 
    ऐतिहासिक पृष्ठभूमिः-
ज्ञातव्य है कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में भारत-तिब्बत सीमा पर गश्त कर रही केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की टुकड़ी पर चीनी सैनिकों द्वारा घात लगाकर हमला किया गया था। इस अप्रत्याशित हमले में 10 वीर जवानों ने वीरगति प्राप्त की जबकि 7 अन्य जवान घायल हुए । मातृभूमि की रक्षा में दिए गए इन वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान की स्मृति में प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को पूरे देश में “पुलिस स्मृति दिवस” के रूप में मनाया जाता है ।
यह दिवस समर्पित है उन सभी पुलिसकर्मियों को जिन्होंने जनसुरक्षा, राष्ट्रसेवा और कर्तव्यनिष्ठा की भावना से ओत-प्रोत होकर अपने प्राण न्यौछावर किए ।
    श्रद्धांजलि और संकल्पः-

श्रद्धांजलि समारोह में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने 02 मिनट का मौन रखकर शहीद पुलिसकर्मियों की स्मृति को नमन किया तथा उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की । कार्यक्रम में यह संकल्प दोहराया गया कि पुलिस बल सदैव नागरिकों की सुरक्षा, शांति व्यवस्था एवं राष्ट्र की एकता-अखंडता की रक्षा के लिए अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करता रहेगा ।

 

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